SC ने कहा – अवैध निर्माण की कोई गुंजाइश नहीं!

SC: अवैध निर्माण की नियमितीकरण पर रोक
भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अपना सख्त रुख बनाए रखते हुए एक याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा है कि कोलकाता में एक अवैध इमारत को नियमित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया गया है। न्यायालय का मानना है कि किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण को नष्ट किया जाना चाहिए और नियमितीकरण के लिए कोई रास्ता नहीं है।
कानून का पालन करना जरूरी
न्यायालय ने कहा है कि कानून उन लोगों की मदद नहीं कर सकता जो उसके नियमों का उल्लंघन करते हैं। अगर ऐसा किया जाता है तो यह जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा दे सकता है। न्यायिक स्वतंत्रता के प्रभाव से जुड़े नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले की पुष्टि की, जिसने इस अनधिकृत निर्माण के नियमितीकरण को मना कर दिया था और इसे तोड़ने का आदेश दिया था।
नियमों का उल्लंघन नहीं उचित
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को इस अवैध निर्माण को नियमित करने की एक मौका दिया जाना चाहिए। न्यायालय ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि जो कानून की अनदेखी करता है, उसे नियमितीकरण के लिए पक्ष नहीं दिया जा सकता। अवैध निर्माण को तोड़ा जाना चाहिए, कोई रास्ता नहीं है।
न्यायालय ने कहा है कि राज्य सरकारों को इस मामले में सख्त रुख अपनाना चाहिए और बिना अनुमति के निर्माण किए गए इमारतों को नियमित करने के लिए लिखित नियम बनाए जाने चाहिए।
निर्णय
न्यायालय ने इस मामले में अपील को खारिज कर दिया।



