NEET 2025: Tougher Than Before? डिफिकल्टी लेवल और अंकों की बात

NEET 2025: Tougher Than Before?
आज, 4 मई को, देश भर में NEET UG 2025 परीक्षा हुई। इस बार करीब 22.7 लाख छात्रों ने इस मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट में भाग लिया। NEET, MBBS, BDS, और AYUSH जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भारत की सबसे बड़ी और प्रतिस्पर्धी परीक्षा मानी जाती है।
क्या कठिनाई स्तर बढ़ गया था?
परीक्षा के शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि NEET 2025 पेपर का डिफिकल्टी लेवल मध्यम से कठिन था। अधिकतर सवाल सीधे NCERT पाठ्यक्रम से आधारित थे। बायोलॉजी का भाग आसान लगा, जबकि भौतिकी में फॉर्मूला और अवधारणाओं पर आधारित सवाल थे। रसायन विज्ञान ज्यादातर NCERT आधारित था, लेकिन कुछ ऐसे प्रश्न थे जो अधिक गहन समझ की मांग करते थे।
एक्सपर्ट की राय
एलन करियर संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रजेश माहेश्वरी कहते हैं, ‘NEET-UG 2025 का पेपर पिछले सालों की तुलना में कठिन था। भौतिकी में उच्च स्तरीय सवाल थे, रसायन विज्ञान लंबा था और इसमें कई सही क्रम वाले सवाल थे, जो छात्रों को परेशान कर रहे थे। दोनों बॉटनी और जूलॉजी भाग भी लंबे थे, जिससे समय प्रबंधन मुश्किल हो गया।
COVID के पहले के पटर्न को फिर से लागू करने और एक कठिन पेपर के साथ, इस साल बहुत ऊँचे अंक प्राप्त करना छात्रों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।’
विषय-वार विश्लेषण :
भौतिकी: मध्यम से कठिन, सबसे कठिन भाग
– इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, चुंबकत्व, अर्धचालक पर ध्यान केंद्रित करना
– अधिकतर संख्यात्मक सवाल
– शक्तिशाली अवधारणा की समझ की आवश्यकता
– समय लेने वाला; 30% छात्रों को मुश्किल लगा
रासायन विज्ञान: संतुलित लेकिन कठिन
– अधिक भार: कार्बनिक रसायन विज्ञान, d & f-ब्लॉक
– भौतिक रसायन में गणना-भारी सवाल
– अकार्बनिक रसायन विज्ञान ज्यादातर NCERT आधारित था
– लंबी प्रतिक्रिया तंत्र इसे मुश्किल बनाते हैं
– 40% छात्रों ने इसे मध्यम रूप से मुश्किल बताया
जीव विज्ञान: सबसे आसान भाग
– NCERT आधारित सीधे सवाल
– जीन, मानव शारीरिक रचना, पारिस्थितिकी पर ध्यान केंद्रित
– कई आरेख और सिद्धांत आधारित सवाल
– 65% छात्रों ने इसे प्रबंधनीय पाया
कटऑफ और क्वालिफाईंग मार्क्स
जिन छात्रों ने NEET 2025 में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, वे अपने सपनों के मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए तैयार हैं।
NEET 2025 के लिए अधिक जानकारी
NEET 2025 के लिए एक विस्तृत विश्लेषण जल्द ही प्रकाशित होगा, जिसमें विषय-वार कठिनाई का विश्लेषण, प्रमुख संकायों से विशेषज्ञ समीक्षा, विषय-वार भार, और परीक्षा केंद्रों से छात्रों के लाइव प्रतिक्रिया शामिल होगी।


