भारत में मॉक ड्रिल्स (Security Mock Drills): पहालगाम हमले के जवाब में तनाव

पहालगाम हमले के बाद भारत में मॉक ड्रिल्स
पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, पहालगाम में हुए हमले के बाद भारत सरकार ने 7 मई को पूरे देश में मॉक ड्रिल्स आयोजित करने का आदेश दिया है। यह 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद से पहली बार है कि भारत इस स्तर पर मॉक ड्रिल्स कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए
घर मंत्रालय ने सभी राज्यों को ‘नई और जटिल खतरों’ के मद्देनजर मॉक ड्रिल्स आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। 244 से ज़्यादा जिले, जिनको विभिन्न खतरों के प्रति संवेदनशील माना जाता है, इस अभ्यास में शामिल होंगे। मॉक ड्रिल्स में एयर-रेड चेतावनी सिग्नल चलाना, नागरिकों को ‘शत्रुतापूर्ण हमले’ के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के बारे में प्रशिक्षण देना, बंकरों और खदानों की सफाई जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।
प्राचीन स्मृतियां ताज़ा हो रही हैं
यह अभ्यास 1962 में चीन और 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्धों की याद दिला रहा है। 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने भी पाकिस्तान सीमा पर अपनी सेना को तैनात करके इसी तरह के मॉक ड्रिल्स किए थे। उस समय, अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 9 महीने तक तनाव बना रहा था।
1971 में कैसे हुआ था मॉक ड्रिल्स
1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मॉक ड्रिल्स भी किए गए थे। उस समय, 7 बजे की सीटी बजने पर लोग अपने घरों में प्रकाश बंद कर देते थे और सुरक्षित स्थानों पर जाकर बैठ जाते थे। यह अभ्यास 16 दिसंबर तक चला, जब पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अख्तर अब्दुल क़ादिर नियाज़ी ने ढाका में आत्मसमर्पण कर दिया था।
ताजमहल भी ढँका गया था
उस समय ताजमहल को भी काले कपड़ों से ढँक दिया गया था ताकि पाकिस्तान की नज़र से छिपा रहे। यह पहली बार था जब ताजमहल को विश्व युद्ध के बाद से ढँका गया था।
आज के मॉक ड्रिल्स का महत्व
अभी के जियो-राजनीतिक परिदृश्य में, नई और जटिल खतरों/चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए यह समझदारी है कि राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में सर्वोत्तम नागरिक रक्षा तैयारी हर समय बनाए रखी जाए।
सरकार की तैयारी
सरकार ने राज्यों को जिला नियंत्रणकों, विभिन्न जिला अधिकारियों, नागरिक रक्षा वार्डन, स्वयंसेवकों, गृह रक्षा (सक्रिय और रिजर्व स्वयंसेवक), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS), कॉलेज और स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
महत्वपूर्ण बैठकें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मोदी ने उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला की है, जिसमें शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ भी शामिल है, क्योंकि भारत पहालगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ रणनीतियों पर विचार कर रहा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़ हो गई है, और लोग इस बारे में अपनी बातें साझा कर रहे हैं कि क्या यह 1971 के युद्ध की तरह ही होगा।



