भारत ने सोथेबी को बौद्ध अवशेषों की नीलामी करने से रोका!

भारत ने बौद्ध अवशेषों की नीलामी रोकने के लिए कदम उठाया!
एक बड़ी खबर ! भारत सरकार ने विश्व प्रसिद्ध नीलामी घर सोथेबी को बौद्ध अवशेषों की नीलामी से रोक दिया है। ये अवशेष भगवान बुद्ध के जन्मस्थान, कपिलवास्तु के पिपरावा स्तूप से प्राप्त हुए हैं।
क्यों रोकी गई नीलामी?
सोथेबी ने 5 मई को Hong Kong में इन अवशेषों की नीलामी करनी थी। लेकिन, भारत सरकार ने तुरंत सोथेबी को कानूनी नोटिस भेजकर नीलामी रोकने की मांग की। सरकार के अनुसार, ये अवशेष भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और उन्हें वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
ऐतिहासिक महत्व
ये अवशेष 1898 में विलियम क्लेक्स्टन पेप्प द्वारा पाए गए थे। इनमें बुद्ध के शरीर के कुछ टुकड़े, सोपस्टोन और क्रिस्टल कब्रें, एक बलुआ पत्थर का कोफ़र, और सोने के आभूषण और रत्न शामिल हैं। एक ब्राह्मी लिपि में एक शिलालेख इन अवशेषों को बुद्ध के अवशेषों के रूप में स्वीकार करता है।
भारत की कार्रवाई
भारत सरकार ने कुल मिलाकर सोथेबी को नीलामी रोकने और अवशेषों को भारत वापस करने के लिए कहा है। भारतीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ब्रिटेन के सांस्कृतिक मंत्री लिसा नांडी से भी इस मामले पर बात की थी।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले में मदद मांगी है। भारतीय विदेश मामलों के मंत्रालय ने यूके और हांगकांग में राजदूतों से संपर्क किया है। भारतीय वित्तीय जांच इकाई (FIU) ने हांगकांग की वित्तीय जांच इकाई (FIU) के साथ भी बातचीत शुरू की है।
सोथेबी की प्रतिक्रिया
सोथेबी ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर कहा है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे।



