1971 का युद्ध: जब ताज को छिपाया गया था Pakistan पंखों से

1971 का युद्ध: जब ताज को छिपाया गया था Pakistan  पंखों से
India-Pakistan tension: When India ‘hid’ the Taj Mahal from Pakistani air forces during 1971 war (Image via original source)

ताज को छिपाने की कहानी

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद, जब Pahalgam में आतंकी हमला हुआ, तो भारत देश भर में नागरिकों के लिए नकली दौड़ का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है। लेकिन यह उतना नया नहीं है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भी भारत ने ऐसी ही तैयारी की थी।

युद्ध के दौरान, भारत ने ताजमहल को पाकिस्तानी वायुसेना के हमले से बचाने के लिए एक अनोखी रणनीति अपनाई थी।

1971 का युद्ध और ताजमहल

3 दिसंबर, 1971 को, पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया। इस ऑपरेशन को ‘चंगेज खान’ नाम दिया गया था। इस हमले में जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कई भारतीय वायुसेना (IAF) ठिकानों पर हमला किया गया था।

इस हमले में एग्रा स्थित खेरिया एयरबेस भी लक्षित था, जो ताजमहल के पास स्थित है। पाकिस्तानी विमानों ने एयरबेस पर हमला किया, जिससे थोड़ा नुकसान हुआ, लेकिन यह घटना चिंता का विषय बनी।

भारत सरकार को डर था कि पाकिस्तान की वायुसेना न केवल ताजमहल जैसी महत्वपूर्ण धरोहर को नष्ट कर सकती है, बल्कि यह एयरबेस को लक्षित करने के लिए ताजमहल का उपयोग भी कर सकती है।

ताज को छिपाने का तरीका

अगले दिन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने ताजमहल को छिपाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी। ताजमहल के चमकदार सफ़ेद संगमरमर को हरे रंग के जूट के पर्दे से ढक दिया गया, जो आसपास के जंगलों से मेल खाता था।

कार्यकर्ताओं ने 18,700 पौंड से ज़्यादा वज़न वाले इस पर्दे को रखने के लिए 598 किलोग्राम की पेंच और 63 मोटी सिलाई सुई का इस्तेमाल किया।

सुरक्षा के कदम

ताजमहल के मीनारों को झाड़ियों और लकड़ी से ढक दिया गया था। संगमरमर के फर्श पर रेत फैलाकर उसकी चमक को कम कर दिया गया। शाम को ताज के चारों ओर की रोशनी बंद कर दी गई, सुरक्षा बढ़ा दी गई और पर्यटकों को दूर रखा गया।

यह पर्दा दो हफ़्ते तक लगा रहा।

1971 के युद्ध में नागरिक तैयारी

ताजमहल को ढँकना भारत की युद्ध तैयारी का केवल एक हिस्सा था। भारत ने नागरिकों को भी युद्ध के लिए तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर नागरिक रक्षा अभ्यास चलाए थे।

इन अभ्यासों में अंधेरा अभ्यास शामिल थे, जहाँ शहर अपनी रोशनी बंद कर देते थे ताकि दुश्मन विमानों को लक्ष्य बनाना मुश्किल हो।

आज की तैयारी

वर्तमान में, भारत फिर से नागरिक रक्षा अभ्यासों के लिए तैयार है, जो 1971 के बाद सबसे बड़े हैं। बुधवार को, देश भर में 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 259 स्थानों पर नकली अभ्यास होंगे।

इन अभ्यासों में evacuation अभ्यास, बंकर सुरक्षा प्रोटोकॉल और हवाई हमले की नकल शामिल होंगी।

National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Fund (SDRF) के दल स्थानीय लोगों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

Short News Team
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