पाकिस्तान पर वित्तीय हमला? भारत की प्लानिंग!

भारत-पाकिस्तान तनाव: वित्तीय हमले की धमकी!
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। खबरें हैं कि भारत पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए दो बड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है।
FATF में वापसी: पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में!
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पाकिस्तान को फिर से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ‘ग्रे लिस्ट’ में डालने की कोशिश करेगा। FATF दुनिया भर में धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण की निगरानी करने वाला अंतरराष्ट्रीय संगठन है। पाकिस्तान को पहले जून 2018 में ग्रे लिस्ट में रखा गया था, और 2022 में इसे हटाया गया था। अगर कोई देश ग्रे लिस्ट में होता है, तो उसका FDI प्रभावित होता है। भारत पहले ही कह चुका है कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने से भारत में, खासकर जम्मू और कश्मीर में, पाकिस्तान से अवैध धन प्रवाह कम हुआ है।
IMF से ऋण रोकना!
दूसरा प्लान यह है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के $7 बिलियन के सहायता पैकेज पर आपत्ति जताएगा। भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि ये पैसे दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों और आतंकवादी हमलों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
FATF में कैसे वापस लाया जा सकता है?
भारत को पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में लाने के लिए FATF में एक नामांकन प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके लिए भारत को अन्य FATF देशों के समर्थन की आवश्यकता होगी। भारत ने अब तक UK, US, France, Germany, Australia, European Commission और Gulf Cooperation Council जैसे देशों से संदेश प्राप्त किए हैं।
आगे क्या होगा?
FATF के फैसले की बैठक तीन बार साल में होती है। अगर भारत पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करना चाहता है, तो उसे धनशोधन, आतंकवादी वित्तपोषण या प्रसार वित्तपोषण से संबंधित खतरों के बारे में विशिष्ट तर्क देना होगा।



