GST पर विवाद! Madras HC ने कहा, ‘अपील अथॉरिटी जाओ!’

मद्रास हाई कोर्ट का फैसला: GST विवाद में अपील अथॉरिटी से जुड़ें!
मद्रास हाई कोर्ट ने GST (Goods and Services Tax) पर एक व्यक्ति को ‘अपील अथॉरिटी’ से जुड़ने का निर्देश दिया है। यह मामला GST मांग पर है, जो ITR Form 26AS, GSTR-2A में आईटीसी (Input Tax Credit) में गलतियों और क्रेडिट नोट्स के कारण आईटीसी के उलटाव के चलते हुई है।
ये मामला 2022-2023 के आकलन वर्ष के लिए है।
क्या हुआ था?
एक व्यक्ति ने 20.09.2024 को जारी एक आकलन आदेश को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। उसके वकील ने कहा कि आकलन आदेश गलत है और आईटीसी में गलतियों और उलटावों की गलत व्याख्या की गई है। उन्होंने कहा कि इस कारण जुर्माना और 100% अतिरिक्त जुर्माना अत्यधिक और अनुचित है।
वकील ने कोर्ट से आदेश को रद्द करने की गुहार लगाई।
सरकार का कहना क्या है?
सरकार के वकील ने बताया कि 11.10.2023 से 13.10.2023 तक एक निरीक्षण किया गया था, जिसमें कई विसंगतियां सामने आई थीं। इस निरीक्षण के बाद, 18.03.2024 को व्यक्ति को अधिसूचना भेजी गई थी। इसके बाद 16.04.2024 को व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस दिया गया था।
सरकार के वकील ने कहा कि व्यक्ति के पास अपील सुनवाई के लिए एक वैकल्पिक कानूनी उपाय है, लेकिन व्यक्ति सीधे हाई कोर्ट पहुंचा।
कोर्ट का फैसला
जज ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और व्यक्ति को अपील अथॉरिटी से जुड़ने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति को अपनी पेशी के सभी तर्क अपील अथॉरिटी के सामने रखने का मौका मिलेगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर व्यक्ति दो हफ्तों के भीतर अपील करता है, तो अपील अथॉरिटी को केस को तीन महीनों के भीतर सुलझाना होगा।



