भारत में Mock Drill: क्या होगा?, क्या बिजली कट जाएगी?

भारत में मॉक ड्रिल: क्या होगा?, क्या बिजली कट जाएगी?
Mock Drills Across India: What You Need to Know (Image via original source)

Mock Drills Across India

भारत में 7 मई को एक बड़ा मॉक ड्रिल (mock drill) होगा। यह ड्रिल देश भर में 250 से ज़्यादा जिलों में होगा। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ‘दोस्ती’ की स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए निर्देशित किया है। ये निर्देश पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद आए थे, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में तनाव बढ़ गया है, और इस मॉक ड्रिल के कारण लोगों में कुछ चिंता हो सकती है। चलिए, इसे समझते हैं।

Mock Drill क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

मॉक ड्रिल एक अनुमानित अभ्यास होता है जो देश के आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने का परीक्षण करता है। यह हवाई हमलों, बिजली कटौती और खाली करने जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहने का अभ्यास करता है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह ड्रिल ‘ज्यादा सुरक्षित’ स्थिति में देश को तैयार रखने के लिए ज़रूरी है।

क्या स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे?

नहीं, स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान खुले रहेंगे। यह ड्रिल रोजमर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित किए बिना होगा।

क्या बिजली कट जाएगी?

कुछ जगहों पर छोटी-छोटी बिजली कटौती हो सकती है। यह ‘क्रैश ब्लैकआउट’ का अभ्यास होगा। यह एक आपातकालीन प्रक्रिया है जो हवाई हमले के दौरान रोशनी और दृश्यमान बुनियादी ढांचे को बंद करके लक्ष्यों को कम दिखाने के लिए की जाती है। इस तरह से नुकसान कम करने की कोशिश की जाती है।

मॉक ड्रिल के दौरान क्या होगा?

मॉक ड्रिल के दौरान कई गतिविधियाँ होंगी, जैसे:

  • हवाई हमले की चेतावनी सिग्नल का परीक्षण
  • भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन/रेडियो संचार लिंक का परीक्षण
  • कम्युनिकेशन रूम और शेडो कम्युनिकेशन रूम का प्रशिक्षण और संचालन
  • नागरिकों और छात्रों को हवाई हमले से बचाव के लिए प्रशिक्षण
  • क्रैश ब्लैक आउट का अभ्यास
  • महत्वपूर्ण संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को छिपाने का अभ्यास
  • बंकरों और खाइयों की सफाई

ड्रिल में कौन शामिल होगा?

इसमें नागरिक रक्षा स्वयंसेवक, होम गार्ड, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), स्थानीय पुलिस और छात्र शामिल होंगे। यह कई एजेंसियों का समन्वित प्रयास होगा।

क्या हमें चिंता करनी चाहिए?

नहीं, यह एक पूर्व-निर्धारित अभ्यास है, यह आपातकाल नहीं है। नागरिकों को अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और शांति से सहयोग करने के लिए कहा गया है।

Short News Team
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