CIA रिपोर्ट: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका!

CIA की पुरानी रिपोर्ट: भारत-पाकिस्तान का युद्ध?
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध के बारे में 1993 में एक रिपोर्ट बनाई थी। यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है, और इसमें कुछ दिलचस्प बातें हैं।
क्या युद्ध की संभावना है?
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 1990 के दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावना कम थी, लेकिन यह 5 में से 1 होने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई कारणों से युद्ध हो सकता है, जैसे कि एक बड़ा आतंकी हमला जो एक तरफ से दूसरे तरफ पर किया गया हो।
कश्मीर का मुद्दा
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ अपनी विदेश नीति का इस्तेमाल करता है। जब कश्मीर में असंतोष फैलता है, तो इस्लामाबाद मुद्दे को उठाता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है।
भारत और पाकिस्तान का जवाब
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही एक-दूसरे के देश में आतंकवादियों का समर्थन करते हैं। पाकिस्तान भारत से ज्यादा आक्रामक है और यह कश्मीर का विखंडन चाहता है। भारत ने पाकिस्तान में जातीय अलग-थलगवादियों का समर्थन किया है, लेकिन यह बहुत कम है। भारत का उद्देश्य पाकिस्तान के क्षेत्र को शामिल नहीं करना है। दोनों पक्ष यह समझते हैं कि आतंकवादी हमले से सैन्य प्रतिशोध या अमेरिका के प्रतिबंध आ सकते हैं।
युद्ध के कारण
रिपोर्ट में युद्ध के कुछ कारण बताए गए हैं:
- पाकिस्तान की सेना पहले हमला करने की योजना बनाती है यदि उसे लगता है कि भारत एक पूर्ण पैमाने पर हमला करेगा।
- यदि भारत के सैन्य नेता विश्वास करते हैं कि पाकिस्तानी सैनिक कश्मीर पर और एक नया आक्रमण कर रहे हैं, तो वे पंजाब और राजस्थान में युद्ध तैयारी कर सकते हैं।
- एक बड़ा आतंकवादी हमला जिसके पीछे एक तरफ से दूसरी तरफ का हाथ होने का संदेह है।
- भारत की सेना कश्मीर में घुसपैठ के रास्तों को बंद करने या आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को दंड देने के लिए बॉर्डर क्रॉसिंग कर सकती है।
दोनों देशों के बीच तनाव
रिपोर्ट में 1987 और 1990 में भारत और पाकिस्तान के बीच दो संकटों का उल्लेख किया गया है, जो दोनों देशों को युद्ध की कगार पर ले गए थे।
निष्कर्ष
यह सीआईए रिपोर्ट भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का एक महत्वपूर्ण सबूत है। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना हमेशा मौजूद रहती है, और यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देश शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए काम करें।



