देशभर में सतर्कता बढ़ाते हुए, देश में सैन्य अभ्यास (Defence Mock Drill)

देशभर में सतर्कता बढ़ाते हुए, देश में सैन्य अभ्यास (Defence Mock Drill)
हाल ही में पहालगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद देश में सुरक्षा जांच मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सामुदायिक रक्षा सैन्य अभ्यास के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
क्या होगा इस अभ्यास में?
केंद्र सरकार ने सभी 244 नागरिक रक्षा जिलों में इस अभ्यास का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। यह अभ्यास ग्राम स्तर तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक रक्षा तंत्र की तैयारी का आकलन करना और उसे मजबूत करना है।
अभ्यास के उद्देश्य
इस अभ्यास के कई उद्देश्य हैं:
- हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना और लोगों को हवाई हमले के लिए तैयार करना।
- हवाई सेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो संचार लाइनों को भी चालू रखा जाएगा।
- नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का परीक्षण करना।
- नागरिकों और छात्रों को नागरिक रक्षा में प्रशिक्षित करना ताकि वे “शत्रुतापूर्ण हमले” की स्थिति में खुद की रक्षा कर सकें।
- आपातकालीन स्थिति में बिजली बंद करने और महत्वपूर्ण संस्थानों को छिपाने जैसी रक्षा रणनीतियों का अभ्यास करना।
- खुदरा टीमों और आग बुझाने वालों की तैयारी और विस्थापन उपायों का परीक्षण करना।
- नागरिकों को प्राथमिक उपचार, आग बुझाने और आश्रय तकनीकों में प्रशिक्षित करना।
पहालगाम हमले के बाद – Defence Mock Drill
पहालगाम आतंकवादी हमले में 25 पर्यटक और एक कश्मीरी घोड़ा सवार ऑपरेटर मारे गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सरकार ने इस घटना पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हमले के करने वालों और रचकों को एक ऐसा दंड मिलेगा जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। पहालगाम हमले की जांच में पाकिस्तानी हाथ के संकेत मिले हैं।
भारत का जवाब
इस्लामाबाद के खिलाफ कई कूटनीतिक कदमों के बाद, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल है, भारत अब एक सैन्य प्रतिक्रिया की तैयारी कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शीर्ष मंत्रियों और सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कई बैठकें की हैं। प्रधानमंत्री ने सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों और रक्षा सचिव से मुलाकात की है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम उठाया जा सकता है। केंद्र सरकार के द्वारा सुरक्षा अभ्यास के निर्देशों को इस प्रति-आक्रमण की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।



