पंजाब की सरकार ने हरियाणा को पानी नहीं देने का फैसला लिया!

पंजाब और हरियाणा के बीच पानी का विवाद बढ़ता जा रहा है!
पंजाब विधानसभा ने हरियाणा को एक भी बूंद पानी नहीं देने का फैसला लिया है। यह फैसला पंजाब सरकार और हरियाणा सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच आया है।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोल ने एक विशेष सत्र में इस प्रस्ताव को रखा। इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि भाजपा पंजाब के पानी के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। प्रस्ताव में कहा गया है कि पंजाब अब ब्रह्मांड बास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा किए गए किसी भी निर्णय को स्वीकार नहीं करेगा।
‘हमारा पानी, हमारा अधिकार’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि BBMB द्वारा पिछले कई वर्षों से पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को पंजाब के पानी को दूसरे राज्यों को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार अब इस बोर्ड का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रही है।
भागवंत मान ने कहा, ‘बिना पंजाब की बात किए, रात में बैठकें बुलाई जा रही हैं और अन्य राज्यों के दबाव में पंजाब का सही हिस्सा ले लिया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पहले से ही अपने आवंटित पानी का उपयोग 31 मार्च तक पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि सतलज और ब्यास नदियों का पानी पूरी तरह से पंजाब का है।
‘डैम सिक्योरिटी एक्ट’ का विरोध
मुख्यमंत्री ने डैम सिक्योरिटी एक्ट को भी खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि यह राज्य और उसके अधिकारों पर एक गंभीर हमला है। विपक्ष का नेता, प्रताप सिंह बाजवा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा, ‘पानी बचाने के लिए एक भी बूंद नहीं बची है।’



