Late अकाउंटिंग रिपोर्ट से नएज़ नहीं! ITAT ने कहा – ये Exempted Income को हटाने का आधार नहीं है!

ITAT की बड़ी फैसला: देर से अकाउंटिंग रिपोर्ट से ‘Exempted Income’ नहीं घटाया जा सकता!
कोच्चीन ITAT ने एक निर्णय में कहा है कि अगर कोई ट्रस्ट या संगठन अपना ऑडिट रिपोर्ट Form 10B समय से नहीं देता है, तो सरकार उसका ‘Exempted Income’ कट नहीं सकती.
यह फैसला Isa Viswa Prajnana Trust के केस पर आया है. यह एक चैरिटेबल ट्रस्ट था जो सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय कार्यों में लगी हुई थी.
उनके Chartered Accountant की मृत्यु के कारण, वो ऑडिट रिपोर्ट समय पर नहीं दे पाए. CPC (Centralized Processing Centre) ने उनकी रिटर्न में ₹20,20,174 को चैरिटेबल उद्देश्यों के लिए दिए गए दिए गए पैसे को रद्द कर दिया.
लेकिन ITAT ने समझाया कि अगर एक रिटर्न में एक गलत दावा दिखता है, तो CPC वो रकम घटा सकता है. लेकिन सिर्फ़ देर से रिपोर्ट जमा करना गलत दावा नहीं है.
ITAT ने कहा कि CPC का काम सिर्फ़ रिटर्न में जो जानकारी है, उस पर ही बदलाव करना है. देर से रिपोर्ट जमा करना इसमें शामिल नहीं है. ITAT ने इस मामले में Ammini Foundation v. DCIT और Association of Indian Panel Board Manufacturer v. DCIT के फैसलों पर भी भरोसा किया.
इस फैसले से सभी चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं को बड़ी राहत मिली है.



